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PM विश्वकर्मा योजना 2026: ₹3 लाख तक लोन और ₹15,000 टूलकिट अनुदान, पात्रता और आवेदन

प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना पारंपरिक कारीगरों और शिल्पकारों — बड़ई, लोहार, कुम्हार, दर्जी, सोनार आदि — के लिए केंद्र सरकार की फ्लैगशिप योजना है। 17 सितंबर 2023 को शुरू हुई यह योजना 2027-28 तक ₹13,000 करोज़ के बजट के साथ चल रही है।

क्या-क्या फायदा मिलता है

  • टूलकिट अनुदान: ₹15,000 तक
  • स्किल ट्रेनिंग के दौरान भत्ता: ₹500 प्रतिदिन
  • बिना गारंटी कर्ज: पहले चरण में ₹1 लाख, दूसरे चरण में ₹2 लाख (कुल ₹3 लाख तक) — रियायती ब्याज दर पर
  • डिजिटल लेनदेन पर प्रोत्साहन राशि
  • मार्केटिंग सहायता

पात्रता

  • असंगठित क्षेत्र में काम करने वाला स्व-रोजगार कारीगर/शिल्पकार
  • 18 पारंपरिक व्यवसायों में से एक में जुड़ा होना चाहिए — बड़ई, नाव बनाने वाले, लोहार, सुनार, कुम्हार, मूर्तिकार, दर्जी, बाल काटने वाले, मोची, टोकरी बनाने वाले आदि
  • आधार कार्ड से पूर्ण e-KYC अनिवार्य

आवेदन कैसे करें

  1. अपने नजदीकी कॉमन सर्विस सेंटर (CSC) पर जाएं — पंजीकरण मुख्यत: CSC द्वारा ही होता है।
  2. आधार कार्ड, मोबाइल नंबर और बैंक खाते की जानकारी दें।
  3. ग्राम पंचायत/ULB स्तर पर सत्यापन होता है, फिर स्क्रीनिंग कमेटी से मंजूरी।
  4. प्रमाणित होने पर पीएम विश्वकर्मा प्रमाण-पत्र और ID कार्ड मिलता है।

स्टेटस कैसे चेक करें

आधिकारिक pmvishwakarma.gov.in पोर्टल पर “Applicant Login” से मोबाइल नंबर और पासवर्ड डालकर आप अपने आवेदन की स्थिति चेक कर सकते हैं — ग्राम पंचायत सत्यापन, जिला समिति सिफारिश या अंतिम मंजूरी स्थिति में से क्रमशः दिखेगा।

सारांश

अक्टूबर 2025 तक 30 लाख से ज्यादा कारीगर इस योजना से लाभान्वित हो चुके हैं। अगर आप इन 18 पारंपरिक व्यवसायों में से किसी भी में हैं, तो अपने नजदीकी CSC सेंटर पर जाकर पंजीकरण जरूर कराएं।

नोट: यह जानकारी सामान्य मार्गदर्शन के लिए है। पात्रता संबंधी पुष्टि हमेशा आधिकारिक pmvishwakarma.gov.in पर करें।

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